दिनांक ३० मार्च से ६ अप्रैल २०२१ तक प्रतिवार्षिक वेदांत सप्ताह महोत्सव अत्यंत वैभवपूर्वक संपन्न हुआ। दिनांक ३० मार्च को श्री शंकर माणिक प्रभु महाराज की ७६ वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महापूजा एवं आराधना का कार्यक्रम सविधि संपन्न हुआ। महाराजश्री ने वीणादि वाद्यों के पूजन के साथ अखण्ड प्रभुनामस्मरण का श्रीगणेश किया। दिनांक १ अप्रैल को श्री मार्तण्ड माणिक प्रभु महाराज की ८५ वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महापूजा एवं आराधना-विधि अत्यंत भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। दिनांक २ अप्रैल को वेदांत सप्ताह उत्सवांगभूत दक्षिणा वितरण का कार्यक्रम यथाविधि संपन्न हुआ। संपूर्ण वेदांत सप्ताह महोत्सव में श्रीमद्भागवत पारायण, श्री माणिक चरितामृत पारायण, अखण्ड प्रभु नामस्मरण, बालगोपाल क्रीड़ा, विविध भक्त मण्डलियों द्वारा भजन तथा मुक्तद्वार अन्नदान के कार्यक्रम पिछले वर्षों से भी अधिक उल्लास के साथ सुचारु रूप से संपन्न हुए। वेदांत शिक्षा शिबिर के अंतर्गत श्रीजी ने श्रीमद्भगवद्गीता के ७ वे अध्याय पर व्याख्यान किया जिसको भक्तजनों की सुविधा के  लिए फेसबुक व यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। सायंकालीन सत्र में श्री ज्ञानराज माणिकप्रभु महाराज ने सातवार भजनों पर नित्य सारगर्भित प्रवचन किया। तत्पश्चात् श्रीसंस्थान के सचिव श्री आनंदराज के नेतृत्व में सांप्रदायिक भजनादि कार्यक्रम विशेष उत्साह के साथ संपन्न हुए। संगीत-प्रधान भजन में श्री आनन्दराज को सहयोग देने के लिए अनेक विद्वान गायक और वादक उपस्थित रहे। दिनांक ६ अप्रैल की रात्रि को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ दिण्डी का कार्यक्रम अत्यंत वैभव एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस महोत्सव के लिए कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश इत्यादि राज्यों से अनेक भक्तजन माणिकनगर में उपस्थित थे । भक्तिमार्ग और ज्ञानमार्ग में अद्भुत सामंजस्य स्थापित करनेवाला यह वेदांत सप्ताह महोत्सव प्रभु-कृपा से अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।